रील में छुपा सुराग: 50 गलियों की खोज के बाद मिला फेसबुक रील का रहस्य

रील में छुपा सुराग: मई 2025 की शुरुआत में सोशल मीडिया निगरानी के दौरान पुलिस टीम को एक फेसबुक रील मिली, जिसमें एक आइसक्रीम की रेहड़ी को एक गली में दिखाया गया था।

रील में छुपा सुराग: 50 गलियों की खोज के बाद मिला फेसबुक रील का रहस्य
रील में छुपा सुराग: 50 गलियों की खोज के बाद मिला फेसबुक रील का रहस्य

वीडियो में आसपास की इमारतें भी दिखाई दे रही थीं, जिससे उस स्थान का पता लगाने में मदद मिली। टीम ने लगभग 50 गलियों में जाकर तलाशी ली और आखिरकार संदिग्ध स्थान को चिन्हित कर लिया।

CRIME EPISODE टीपू सुल्तान

क्राइम एपिसोड

पकड़ने की कार्यवाही और पूछताछ में खुलासे

15 मई 2025 को तड़के पुलिस ने जाल बिछाकर संदिग्ध महिला को दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका असली नाम टंगीना रहमान दीपा है और वह बांग्लादेश के माइमेन्सिंघ जिले की रहने वाली है। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से भारत आई थी और फेसबुक के माध्यम से एक युवक से संबंध बनाने के बाद दिल्ली में बस गई।

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को और खुफिया सूचनाएं मिलीं, जिसके आधार पर दो अन्य संदिग्ध महिलाओं को भी पकड़ा गया। प्रारंभ में उन्होंने खुद को भारतीय बताया और कहा कि वे अपने पतियों के साथ रह रही हैं, लेकिन गहन पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में उनकी बातों में विरोधाभास मिला।

इनके मोबाइल फोन से बैन की गई IMO ऐप पाई गई, जिसका प्रयोग ये बांग्लादेश में अपने परिवार से संपर्क करने के लिए कर रही थीं। इसके साथ ही एक कीपैड फोन भी बरामद हुआ।

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पकड़ी गई तीनों महिलाएं और उनकी पहचान

अलीना, पुत्री सरूप खान, निवासी गांव आनंदा, थाना कोतवाली, जिला चटगांव, बांग्लादेश, उम्र 22 वर्ष

टंगीना रहमान दीपा, पुत्री अशदुर रहमान, निवासी गांव गौरिपुर, थाना गौरिपुर, जिला माइमेन्सिंघ, बांग्लादेश, उम्र 22 वर्ष

सुहान खान, पुत्री अब्दुल कादिर, निवासी गांव मौलवीबाजार, जिला सिलहट, बांग्लादेश, उम्र 30 वर्ष

तीनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे हिली और बेनापुर सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुईं। दिल्ली पहुंचकर उन्होंने भारतीय नागरिकों से संपर्क कर किराये पर घर लिया और खुद को भारतीय महिला बताकर रह रहीं थीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे अपने-अपने पुरुष साथियों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहीं थीं।

बरामद सामान:

दो स्मार्टफोन जिनमें बैन की गई IMO ऐप इंस्टॉल थी

एक कीपैड मोबाइल फोन

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अवैध शरण देने वालों की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस

गिरफ्तार की गई तीनों महिलाओं को FRRO, आरके पुरम, नई दिल्ली को सौंप दिया गया है, जहाँ से इनके खिलाफ निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुलिस अब उन व्यक्तियों की पहचान करने में लगी है जिन्होंने इन महिलाओं को शरण दी, मकान दिलाया और अवैध रूप से भारत में रहने में सहायता की। इसमें मकान मालिक, मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले और अन्य स्थानीय सहयोगी शामिल हो सकते हैं।

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डिजिटल प्यार बन रहा है कानून और सरहदों की चुनौती

इस मामले से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सीमाएं धुंधली होती जा रही हैं। प्यार, पहचान और प्रवास की कहानियाँ अब डिजिटल रिश्तों के सहारे नई सीमाओं को पार कर रही हैं। लेकिन कानून के दायरे में रहते हुए हर देश की सीमाएं और नागरिकता की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है, और दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई एक अहम संदेश है कि अवैध रूप से देश में प्रवेश कर रहना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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